टिहरी झील इस समय देशभर के हिमवीरों के जज़्बे की गवाह बन रही है। पहली बार यहां आयोजित हो रही 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दी है।
बारिश, ठंडी हवाओं और तेज लहरों के बीच जहां मौसम लगातार चुनौती बनता रहा, वहीं खिलाड़ियों का उत्साह और जुनून हर बाधा पर भारी पड़ा। खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami को इस आयोजन का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से करना पड़ा, लेकिन मैदान में मौजूद खिलाड़ियों का जोश कहीं से भी कम नहीं दिखा।
⚡ लहरों पर मुकाबला, 440 खिलाड़ियों का दम
📊8 से 12 अप्रैल तक आयोजन देशभर की 19 टीमें 440+ महिला और पुरुष खिलाड़ी
कैनोइंग, कयाकिंग और रोइंग जैसी स्पर्धाएं
💥मौसम हारा, हिमवीरों का हौसला जीता
एडीजी आईटीबीपी Sanjay Gunjyal ने कहा कि हिमवीर हर परिस्थिति में खुद को साबित करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों—चाहे वह बर्फीली ऊंचाई हो या फिर उफनता पानी—में भी अपने प्रशिक्षण और अनुशासन के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की चैंपियनशिप सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जवानों के लिए एक रियल-टाइम ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म है, जहां वे आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपातकालीन हालात से निपटने की अपनी क्षमता को और मजबूत करते हैं। खराब मौसम के बावजूद खिलाड़ियों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि हिमवीर हर चुनौती को जीत में बदलना जानते हैं।
🚀टिहरी को मिलेगा बड़ा फायदा
विधायक Kishore Upadhyay के मुताबिक यह आयोजन टूरिज्म और लोकल कारोबार को नई रफ्तार देगा और टिहरी को एक बड़े एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करेगा।
जमीन पर लीडरशिप: IG मनु महाराज की मजबूत कमान
आईजी नॉर्दर्न फ्रंटियर आईटीबीपी Manu Maharaj की भूमिका इस पूरे आयोजन में बेहद अहम रही है। अपने लंबे अनुभव और सशक्त नेतृत्व के दम पर उन्होंने शुरुआत से लेकर हर चरण में व्यवस्थाओं पर करीबी नजर बनाए रखी।
खराब मौसम, तेज हवाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भी जिस तरह उन्होंने पूरी टीम को संगठित रखा और हर व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया, वह उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
उनकी मौजूदगी सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय रही—जिससे खिलाड़ियों का मनोबल भी ऊंचा रहा और आयोजन की गुणवत्ता भी बरकरार रही।
📈 आगे क्या?
अब नजर इस पर है कि टिहरी इस मौके को कितना बड़ा टूरिज्म और स्पोर्ट्स हब बना पाता है और इसका स्थानीय अर्थव्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।
लहरें तेज थीं… बारिश भी थी… लेकिन हौसले उससे भी ऊंचे थे। टिहरी ने बता दिया—जहां हिमवीर होते हैं, वहां हालात नहीं, इतिहास बनता है।
