नई टिहरी: अब स्कूल से नहीं चलेगी मनमानी! तैनाती क्षेत्र में रहना शिक्षकों के लिए हुआ अनिवार्य जनपद टिहरी गढ़वाल के सरकारी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की मनमानी पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जनसुनवाई, जनता दर्शन और बीडीसी बैठकों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बड़ा फैसला लेते हुए शिक्षकों को अपने मुख्यालय / कार्यक्षेत्र में ही निवास करने के निर्देश जारी किए हैं।
शिकायतों में सामने आया कि कई शिक्षक तैनाती क्षेत्र में न रहकर देहरादून व अन्य शहरी इलाकों में प्रवास कर रहे हैं, जिसके चलते वे विद्यालयों में देर से पहुंचते हैं और समय से पहले लौट जाते हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना पड़ेगा भारी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी शासकीय कार्मिक को कार्यस्थल या मुख्यालय छोड़ने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार के 15 दिसम्बर 1981 के शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि कार्मिकों को 8 किलोमीटर की परिधि में निवास करना अनिवार्य बताया गया है, जिसका पालन उत्तराखंड में भी सुनिश्चित किया जाएगा।
तैयार होगी सूची, होगी कार्रवाई
डीएम टिहरी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने वाले शिक्षकों और कार्मिकों की सूची तैयार की जाए और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
