मुंबई की एक रेलवे कर्मचारी का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह दिखाती हैं कि भारत की ट्रेनों को सुचारु रूप से चलाने के लिए जमीनी स्तर पर कितनी मेहनत करनी पड़ती है।
Priyanka Shaktivel Mudaliyar, जो सेंट्रल रेलवे में ट्रेन मैनेजर हैं, ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी ड्यूटी की वास्तविक झलक दिखाई। वीडियो में वह सफेद शर्ट और बैकपैक पहने रेलवे यार्ड के पास ऊबड़-खाबड़ पटरियों पर चलती नजर आती हैं। उनके पीछे मालगाड़ियों के डिब्बे और लंबी रेल लाइनें दिखाई देती हैं।
वीडियो में प्रियांका बताती हैं कि एक सामान्य शिफ्ट के दौरान उन्हें रोज़ाना 15,000 से 18,000 कदम तक चलना पड़ता है। उन्होंने कहा, “मैं बढ़ा-चढ़ाकर नहीं कह रही हूं। सिर्फ मैं ही नहीं, रेलवे के ऑपरेटिंग विभाग के सभी कर्मचारी इतनी मेहनत करते हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि कई कर्मचारी अपनी 9 घंटे की पूरी ड्यूटी पटरियों पर चलते हुए या लगातार खड़े रहकर बिताते हैं। गर्मियों की भीषण गर्मी और मानसून के दौरान यह काम और भी ज्यादा कठिन हो जाता है।
प्रियांका ने अपनी पुरानी सोच का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वह अपने पिता से शिकायत करती थीं कि “रेलवे यह नहीं करता, रेलवे वह नहीं करता, मेरी ट्रेनें लेट चल रही हैं।” लेकिन सिस्टम के अंदर काम करने के बाद उन्हें समझ आया कि एक ट्रेन को अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना करने के लिए कई विभागों और अनगिनत लोगों के बीच तालमेल जरूरी होता है। उन्होंने माना कि यह प्रक्रिया बाहर से जितनी आसान दिखती है, असल में उससे कहीं ज्यादा जटिल है।
उनका यह वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है। कई यूजर्स ने कहा कि इस वीडियो ने भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क के पीछे छिपी मेहनत को सामने लाया है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी माना कि ट्रेन की देरी अक्सर लापरवाही नहीं, बल्कि जटिल प्रक्रियाओं और समन्वय का नतीजा होती है।
रेल की पटरियों पर एक साधारण सी वॉक के जरिए प्रियांका ने मेहनत, सहानुभूति और देश की रेल व्यवस्था को चलाने वाले मानवीय प्रयासों पर एक बड़ी चर्चा छेड़ दी है।
