देहरादून:
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के हजारों संविदा कर्मियों को इस साल का सबसे बड़ा रोजगार तोहफ़ा दे दिया है। लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि 10 साल की निरंतर सेवा देने वाले सभी संविदा, दैनिक वेतन, कार्यभारित और नियत वेतन कर्मचारियों को अब स्थायी (परमानेंट) किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सरकार द्वारा जारी नए आदेश के तहत 4 दिसंबर 2018 तक 10 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारी तुरंत प्रभाव से नियमितीकरण का लाभ पा सकेंगे। यह फैसला उन विभागों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है, जहां वर्षों से नियुक्तियां संविदा पर चल रही थीं और कर्मचारियों को स्थायित्व नहीं मिल पा रहा था।
सरकार का मानना है कि यह कदम न सिर्फ कार्य संस्कृति को मज़बूत करेगा बल्कि कर्मचारी वर्ग की आर्थिक व सामाजिक स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा। परमानेंट होने के बाद कर्मचारियों को पेंशन, प्रोमोशन, ग्रेच्युटी और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा, जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा की जा रही थी।
इस बीच, कार्मिक विभाग ने विधिवत आदेश जारी कर दिया है, जिससे अब विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा और उनकी सेवा शर्तें भी सुधरेंगी।
कर्मचारियों में इस फैसले को लेकर भारी उत्साह है। सोशल मीडिया पर भी इसे मुख्यमंत्री की “बड़ी सौगात” बताते हुए सराहना की जा रही है। सरकार के इस निर्णय को आगामी समय में रोजगार स्थिरता की दिशा में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
