टॉप – नई टिहरी
एंकर–उत्तराखंड में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का धरना अब नए अंदाज़ में सुर्खियां बटोर रहा है। मांगों पर लगातार अनदेखी से नाराज़ इंजीनियर्स ने इस बार ऐसा कटाक्ष किया कि हर कोई हैरान रह गया। उनका कहना है कि प्रशासन अब गहरी नींद में सोया हुआ है—जगाने के लिए अब हवन का सहारा लेना पड़ रहा है!
इसी के तहत आंदोलन स्थल पर इंजीनियर्स ने गायत्री परिवार को बुलाकर बाकायदा हवन और शुद्धिकरण कराया। मंत्रों की गूंज के बीच अधिकारियों की “बुद्धि जागृत” करने की कामना की गई, लेकिन ये पूरा कार्यक्रम एक तीखा तंज भी था—सीधे सिस्टम पर।
महासंघ के प्रांतीय सचिव सतीश भट्ट ने दो टूक कहा—जब बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी फाइलें नहीं हिलतीं और अधिकारी सुनने को तैयार नहीं, तो फिर ऐसे प्रतीकात्मक तरीके ही अपनाने पड़ते हैं।
धरने के चलते प्रदेशभर में कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब भी खामोशी की चादर ओढ़े बैठा है। ऐसे में इंजीनियर्स का ये “हवन वार” अब चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है।आपको बता दें कि
वेतन विसंगति, प्रमोशन, पुरानी पेंशन, भत्ते और भर्ती जैसी 27 मांगों को लेकर चल रहा ये आंदोलन अब सिर्फ धरना नहीं रहा,बल्कि सिस्टम पर सीधा व्यंग्य बन चुका है।
अब बड़ा सवाल—क्या इस “हवन की आंच” से प्रशासन की गहरी नींद टूटेगी, या फिर आंदोलन और भड़ककर बड़ा रूप लेगा?।
